राजस्थान के कुलधारा में आज भी बस्ती हैं रूहानी शक्तियां, 5000 परिवारों ने छोड़ा था गांव
कुलधरा गांव का इतिहास
नमस्कार दोस्तों, राजस्थान की धरती अपने आप में कई अनसुलझे रहस्यों का संसार है। यहाँ से ऐसी कहानियां शुरू होती हैं जिनका कोई अंत नहीं, जो साथ ही सदियों से लोगों के दिमाग और दिल पर हाबी हैं। ऐसी ही एक कहानी है राजस्थान के एक गांव कुलधारा की। एक ऐसा गांव जो रात ही रात में वीरान हो गया और सदियों से आज तक लोग ये नहीं समझ पाए की इस गांव के वीरान होने का राज क्या था। तो चलिए जानते हैं:kuldhara story in hindi
कहा जाता है की इस गांव को पल्लीवाल ब्राह्मणों ने बसाया था। साथ ही ये भी कहा जाता है की यहाँ के रियासत के दीवान की बुरी नजर गांव के एक ब्राह्मण की बेटी पर पड़ गई। तब दीवान सालिम ने उस लड़की से शादी करने के लिए गांव के लोगों को चंद दिनों की मुहलत दी, सिर्फ अपने आत्म सम्मान और बहन बेटियों की रक्षा के लिए रातों-रात पांच हज़ार से ज्यादा परिवारों ने अपनी रियासत छोड़ने का फैसला ले लिया। अगली शाम कुलधारा कुछ यूँ वीरान हुआ की आज परिंदे भी उस गांव की सरहदों में दाखिल नहीं होते।कहा जाता है की गांव छोड़ते वक्त उन ब्राह्मणों ने इस जगह को श्राप दिया था। तब से आज तक ये वीरान जगह रूहानी ताकतों के कब्जे में है। कुलधारा में एक मंदिर है जो आज भी इस श्राप से मुक्त है। कहते हैं की शाम ढलने के बाद अक्सर वहां कुछ आवाजें सुनाई देती हैं। इसके अलावा गांव के कुछ मकान हैं जहाँ रहस्यमयी परछाईं अचानक नजरों के सामने आ जाती हैं।
दिन की रोशनी में यहाँ पर सब कुछ इतिहास की किसी कहानी जैसा लगता है। लेकिन शाम ढलते ही कुलधारा के दरवाजे बंद हो जाते हैं और दिखाई देता है तो सिर्फ रूहानी ताकतों का एक रहस्यमयी संसार। आपको बता दें की लोग कहते हैं की रात के समय यहां जो भी आया वह हादसों का शिकार हो गया।

