भगवान राम की मृत्यु कैसे हुई भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ जिनके पिता का नाम दशरथ और माता का नाम कौशल्या था। श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा जाता है जिन्हो ने बड़े-बड़े दानवों का संहार किया था और जिन्हो ने सबसे बड़े दानव रावण का भी अंत किया था।
भगवान राम की मृत्यु कैसे हुई थी ?
- भगवान श्रीराम की मृत्यु के रहस्य का उल्लेख सिर्फ पौराणिक धर्म ग्रंथों में ही दिया गया है। मृत्यु के देवता यम अयोध्या में घुसने से डरते थे क्योंकि उनको राम के महल के मुख्य प्रहरी और उनके के परम भक्त हनुमान से भय लगता था। यम के प्रवेश ने के लिए हनुमान को हटाना जरुरी था। इसलिए राम ने महल के फर्श के एक छेद में अपनी अंगूठी को गिरा दी और हनुमान से इसे खोजने के लिए कहा। हनुमान भंवरे का स्वरूप ले लिया और उस छेद में चले गए जो जो सांपों के नगर नाग लोक का रास्ता था जहा वो नागों के राजा वासुकी से मिले।
- वासुकी ने अंगूठियों का पहाड़ जैसा ढेर दिखाकर उसमें से राम की अंगूठी ढूंढ ने को कहा और दूसरी तरफ राम ने अपना प्राण त्याग दिए। थोड़ी देर में हनुमान जान गए कि उनका नाग लोक में प्रवेश और अंगूठियों के पर्वत आकस्मिक घटना नहीं थी। राम की मृत्यु का समय आ गया था इस लिए ये घटना घटित हुए। इस तरह राम ने अपने प्राणों का त्याग किया।

